पीएम-एजेएवाई (PM-AJAY): अनुसूचित जातियों के सामाजिक-आर्थिक और शैक्षिक सशक्तिकरण की केंद्रीय योजना
‘आदर्श ग्राम’ विकास और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के जरिए अनुसूचित जाति समुदायों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने की ऐतिहासिक पहल।
प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (PM-AJAY) केंद्र सरकार की एक प्रमुख और 100% केंद्र वित्तपोषित योजना है, जिसे वित्त वर्ष 2021-22 में शुरू किया गया था। इस योजना का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जाति (SC) समुदायों के सामाजिक-आर्थिक और शैक्षिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देना, आजीविका के नए अवसर पैदा करना तथा अनुसूचित जाति बहुल क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का व्यापक विस्तार करना है।
तीन योजनाओं का ऐतिहासिक विलय
इस योजना को तीन पूर्ववर्ती केंद्र प्रायोजित योजनाओं—प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना (PMAGY), अनुसूचित जातियों के लिए विशेष केंद्रीय सहायता उप योजना (SCA to SCSP) और बाबू जगजीवन राम छात्रावास योजना (BJRCY)—का आपस में विलय करके तैयार किया गया है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय इसे देश भर में सफलतापूर्वक लागू कर रहा है।
योजना के प्रमुख घटक और प्रगति
आदर्श ग्राम का लक्ष्य: योजना के तहत देश भर के 47,243 अनुसूचित जाति बहुल गांवों को ‘आदर्श ग्राम’ के रूप में विकसित करने का लक्ष्य है।
बड़ी उपलब्धि: 8 सितंबर 2026 तक देश भर में 18,093 गांवों को ‘आदर्श ग्राम’ घोषित किया जा चुका है। इन गांवों में बुनियादी ढांचे और मूलभूत सेवाओं की कमियों को दूर कर एक गरिमापूर्ण जीवन का वातावरण तैयार किया जा रहा है।
वित्तीय सहायता: जिला और राज्य स्तर की सामाजिक-आर्थिक परियोजनाओं के लिए अनुदान सहायता घटक के तहत वित्त वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक राज्यों को 1,730 करोड़ रुपए से अधिक जारी किए गए हैं, जिससे ढाई लाख से अधिक व्यक्तिगत और समूह लाभार्थियों को कौशल विकास और आजीविका सहायता मिली है।
शिक्षा और छात्रावास निर्माण पर विशेष फोकस
अनुसूचित जाति के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा और स्कूली शिक्षा तक बेहतर पहुंच दिलाने के लिए छात्रावासों के निर्माण और मरम्मत को प्राथमिकता दी जा रही है:
सितंबर 2026 तक देश भर में 785 छात्र छात्रावासों का निर्माण पूरा हो चुका है।
वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान दो नई छात्रावास परियोजनाओं (एक लड़कियों और एक लड़कों के लिए) के वास्ते 61.46 करोड़ रुपए की केंद्रीय सहायता आवंटित की गई है, जिससे 264 छात्रों को आवासीय सुविधा मिलने की उम्मीद है।
डिजिटल निगरानी और 'विकसित भारत 2047' का संकल्प
योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता लाने और जवाबदेही तय करने के लिए पीएम-एजेएवाई मोबाइल ऐप और पोर्टल के माध्यम से इसे पूरी तरह डिजिटल और वास्तविक समय (Real-Time) आधारित बना दिया गया है। यह योजना वर्ष 2047 तक 'विकसित भारत' के विजन के अनुरूप अनुसूचित जाति समुदायों को सतत आजीविका, आधुनिक बुनियादी ढांचे और मजबूत शिक्षा प्रणाली से जोड़ने की दिशा में एक ठोस कदम है।
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