जन से 'गण' और उपभोक्ता से 'सभ्यता': भारत की जनगणना का बदलता चरित्र और वर्षों का तुलनात्मक अध्ययन
05 Oct 2026

जन से 'गण' और उपभोक्ता से 'सभ्यता': भारत की जनगणना का बदलता चरित्र और वर्षों का तुलनात्मक अध्ययन

"जनगणना केवल सिरों की गिनती का प्रशासनिक उपक्रम नहीं, बल्कि किसी समाज की सामूहिक स्मृति और उसकी 'आत्मा' को दर्ज करने वाली सभ्यतागत डायरी है।"

'भारत' बनाम 'इंडिया': गांधी के ग्राम स्वराज के सपनों की बलि चढ़ता ग्रामीण समाज
04 Oct 2026

'भारत' बनाम 'इंडिया': गांधी के ग्राम स्वराज के सपनों की बलि चढ़ता ग्रामीण समाज

जब तक विकास के अवसरों को संवैधानिक अधिकारों का संरक्षण नहीं मिलता, तब तक योजनाएँ केवल आश्रित 'लाभार्थी' पैदा करेंगी, स्वायत्त और सशक्त नागरिक नहीं।

हिमालय की रक्षक: वनाग्नि और पर्यावरण संकट के खिलाफ उत्तराखंड के 'महिला मंगल दलों' का साहसिक मोर्चा
02 Oct 2026

हिमालय की रक्षक: वनाग्नि और पर्यावरण संकट के खिलाफ उत्तराखंड के 'महिला मंगल दलों' का साहसिक मोर्चा

‘चिपको’ की धरती से उठी संरक्षण की नई पुकार — चबाते-चबाते जलती पत्तियों के बीच बच्चों की तरह जंगलों को पालतीं पहाड़ की महिलाएं।

सामाजिक सुरक्षा से वंचित 140 करोड़ बच्चे: कमजोर देशों में महज 9% तक पहुंच, समृद्ध देशों में आंकड़ा 84.6% पार
29 Sep 2026

सामाजिक सुरक्षा से वंचित 140 करोड़ बच्चे: कमजोर देशों में महज 9% तक पहुंच, समृद्ध देशों में आंकड़ा 84.6% पार

अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO), यूनिसेफ (UNICEF) और सेव द चिल्ड्रन की संयुक्त रिपोर्ट में गहराती वैश्विक असमानता और बाल गरीबी पर चिंता व्यक्त।

कौशल से समृद्ध भविष्य: डीडीयू-जीकेवाई 2.0 से सशक्त बनता ग्रामीण भारत
26 Sep 2026

कौशल से समृद्ध भविष्य: डीडीयू-जीकेवाई 2.0 से सशक्त बनता ग्रामीण भारत

वर्ष 2036 तक 34.5 करोड़ युवा आबादी के साथ भारत जनसांख्यिकीय लाभांश (Demographic Dividend) के एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है। ऐसे में दीन दयाल उपाध्याय...

भूख और असमानता के खिलाफ वैश्विक एकजुटता: दोहा में सामाजिक विकास पर दूसरी विश्व शिखर बैठक का शंखनाद
25 Sep 2026

भूख और असमानता के खिलाफ वैश्विक एकजुटता: दोहा में सामाजिक विकास पर दूसरी विश्व शिखर बैठक का शंखनाद

खाद्य संकट की असल वजह भोजन की कमी नहीं, बल्कि नीतिगत विफलता और असमानता है — दोहा 'समाधान फोरम' में भारत के डिजिटल पहचान मॉडल समेत दुनिया भर की सफल पह...

हरियाणा राइट टू बिजनेस एक्ट, 2026: MSME को 15 दिन में सैद्धांतिक मंजूरी, 3 साल तक सामान्य निरीक्षण से राहत
23 Sep 2026

हरियाणा राइट टू बिजनेस एक्ट, 2026: MSME को 15 दिन में सैद्धांतिक मंजूरी, 3 साल तक सामान्य निरीक्षण से राहत

"व्यापार की सुगमता से एमएसएमई की उड़ान: हरियाणा में नए उद्योगों की स्थापना और विस्तार के लिए मिली 15 दिनों में सैद्धांतिक मंजूरी और तीन साल के मोरेटोर...

अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस: युद्ध की अनुपस्थिति से आगे, न्याय और सह-अस्तित्व का वैश्विक संकल्प
22 Sep 2026

अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस: युद्ध की अनुपस्थिति से आगे, न्याय और सह-अस्तित्व का वैश्विक संकल्प

युद्ध की अनुपस्थिति से आगे बढ़कर न्याय, संवाद, समावेशी विकास और बहुपक्षीय सहयोग से ही संभव है स्थायी विश्व शांति।

लोकतंत्र केवल व्यवस्था नहीं, जीवन-पद्धति: अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस पर विशेष विचार
16 Sep 2026

लोकतंत्र केवल व्यवस्था नहीं, जीवन-पद्धति: अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस पर विशेष विचार

चुनावों से आगे बढ़कर मानव गरिमा, सामाजिक न्याय, नागरिक सहभागिता और डिजिटल युग की चुनौतियों के बीच लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त बनाने का समय

जलवायु परिवर्तन और सामाजिक विखंडन: पर्यावरण संकट का इंसानी रिश्तों और समुदायों पर प्रभाव
13 Sep 2026

जलवायु परिवर्तन और सामाजिक विखंडन: पर्यावरण संकट का इंसानी रिश्तों और समुदायों पर प्रभाव

यूनिवर्सिटी ऑफ सिडनी के नेतृत्व में हुए अंतरराष्ट्रीय अध्ययन 'नेचर ह्यूमन बिहेवियर' में खुलासा: अत्यधिक गर्मी, प्रदूषण और प्राकृतिक आपदाएं न केवल प्रक...

दहेज (भरूच, गुजरात): औद्योगिक विकास और पर्यावरण-आजीविका के बीच गहराता संकट
12 Sep 2026

दहेज (भरूच, गुजरात): औद्योगिक विकास और पर्यावरण-आजीविका के बीच गहराता संकट

पेट्रोलियम, केमिकल और पेट्रोकेमिकल उद्योग (PCPIR) के केंद्र के रूप में विकसित हुए दहेज क्षेत्र में औद्योगिक अपशिष्ट और समुद्री प्रदूषण के कारण स्थानीय...

हाशिये से मुख्यधारा की ओर: डीएनटी, एनटी और एसएनटी समुदायों के समग्र उत्थान के लिए केंद्र सरकार की दूरदर्शी पहल
10 Sep 2026

हाशिये से मुख्यधारा की ओर: डीएनटी, एनटी और एसएनटी समुदायों के समग्र उत्थान के लिए केंद्र सरकार की दूरदर्शी पहल

विकास एवं कल्याण बोर्ड और 'SEED' योजना के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका तथा आवास के क्षेत्र में हो रहा ऐतिहासिक बदलाव।

भिक्षामुक्त भारत की ओर: सामाजिक-आर्थिक लाचारी और संगठित सिंडिकेट के बीच झूलती हकीकत
09 Sep 2026

भिक्षामुक्त भारत की ओर: सामाजिक-आर्थिक लाचारी और संगठित सिंडिकेट के बीच झूलती हकीकत

मल्टी-करोड़ माफिया, बदलती सरकारी नीतियां और पुनर्वास के नए मॉडल—जानिए भारत में भिक्षावृत्ति की जटिल चुनौती और समाधान का पूरा ढांचा।