टूटती अदृश्य कड़ियाँ: भूमध्यसागर और दक्षिण एशियाई मानसून के बीच कमजोर पड़ता जलवायु संबंध
"ग्लोबल वॉर्मिंग केवल तापमान और वर्षा के आंकड़ों को ही नहीं बदल रही, बल्कि पृथ्वी के दूर-दराज के हिस्सों को आपस में जोड़ने वाले अदृश्य वायुमंडलीय पुलो...
"ग्लोबल वॉर्मिंग केवल तापमान और वर्षा के आंकड़ों को ही नहीं बदल रही, बल्कि पृथ्वी के दूर-दराज के हिस्सों को आपस में जोड़ने वाले अदृश्य वायुमंडलीय पुलो...
"सांसों पर भारी पड़ती हवा: जानिए आपके शहर की हवा कितनी साफ या जहरीली, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा।"
"अलग जिला, अलग चुनौती: एक-समान नीति से नहीं, बल्कि स्थानीय रणनीतियों से ही संभव है जलवायु संकट का समाधान।"
पेड़ों की छांव और शाम की ठंडी हवाओं का अतीत में छूट जाना — 52 वर्षों के वैज्ञानिक आंकड़ों से उजागर हुआ देश में बदलता हुआ भयावह जलवायु नक्शा।
'लंबे बिजली खरीद समझौते और दिन में 80 GW तक सरप्लस कोयला क्षमता: उपभोक्ताओं की जेब पर मंडराता नया खतरा'
1 जून से 29 सितंबर 2026 तक आईएमडी (IMD) के आंकड़े बताते हैं—उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब और राजस्थान समेत देश भर के जिलों में दिखा मानसून का बेहद असमान...
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के ताजा रिपोर्ट के मुताबिक बड़ौत में AQI 286 दर्ज किया गया, वहीं आइजोल में देश की सबसे साफ हवा दर्ज की गई।
"ऐतिहासिक जिम्मेदारी, आर्थिक क्षमता और वित्तीय सहयोग: वैश्विक जलवायु लक्ष्य हासिल करने का न्यायपूर्ण रोडमैप"
एनसीएफसी (NCFC) की 'क्रॉप वेदर वॉच' रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिमी और दक्षिणी भारत में 2 से 3 हफ्तों के सूखे स्पेल और गिरते भूजल-नमी स्तर ने बढ़ाई किसानों...
स्वच्छ ऊर्जा के नए युग में हाइड्रोजन की बढ़ती मांग, लिक्विड ऑर्गेनिक हाइड्रोजन कैरियर (LOHC) की भूमिका और वैश्विक सामाजिक-आर्थिक संतुलन की आवश्यकता पर...
दिसंबर से फरवरी तक मंडराएगा अनपेक्षित गर्मी का संकट; केवल आंकड़ा नहीं, यह इंसानी जिंदगी, सेहत और आजीविका पर सीधा हमला है।
"प्रदूषण के उतार-चढ़ाव के बीच लेह में वायु गुणवत्ता का स्तर खतरनाक मोड़ पर पहुंचा, जबकि दमोह ने शुद्ध हवा की मिसाल पेश की।"
A global study led by Austria's IIASA highlights the profound connection between ambient heat, socio-economic fragility, and domestic violence—undersc...
The latest GreenHouse Gas and Air Quality Bulletin reveals alarming particulate matter surges and anomalous toxic ozone spikes in Uttarakhand's delica...
15 सितंबर 2026: सीपीसीबी (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक देश के 89% शहरों में हवा साफ और संतोषजनक, भिवाड़ी में WHO सीमा से 1300% अधिक प्रदूषण।
पर्यावरण दिवस अब केवल जागरूकता का माध्यम नहीं, बल्कि त्वरित 'जलवायु कार्रवाई' का अंतिम चेतावनी पत्र है।
27 अगस्त को मनाया जा रहा दूसरा संयुक्त राष्ट्र मान्यता प्राप्त 'विश्व झील दिवस'; जैव विविधता संरक्षण और जल संकट से निपटने के लिए वैश्विक एकजुटता की अप...
14 अगस्त को मनाए जाने वाले इस दिवस के ज़रिए जानिए कैसे हमारे पारिस्थितिकी तंत्र और खाद्य श्रृंखला को संतुलित रखते हैं ये छोटे जीव।
अध्यात्म से लेकर पारिस्थितिकी तक—हिमालय दिवस (9 सितंबर) पर एक विशेष पड़ताल: क्यों इस पावन पर्वतमाला का संरक्षण केवल पर्यावरण की नहीं, बल्कि हमारी भावी ...
डब्ल्यूएमओ (WMO) की नई रिपोर्ट का खुलासा: 1990 के दशक से तीन गुना बढ़ीं भीषण आग की घटनाएं, हर साल ले रही हैं 1 लाख से अधिक जानें।
क्रैनफील्ड यूनिवर्सिटी (ब्रिटेन) और आईआईटी खड़गपुर के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए एक हालिया अध्ययन के अनुसार, ऐतिहासिक उत्सर्जन के मामले में भारत दुनिया ...
लाखों सैलानियों की आमद से गुलजार अर्थव्यवस्था के पीछे छिपा कंक्रीट का जाल, दूषित होती ब्यास नदी और पिघलती काली बर्फ — समय रहते नहीं संभले तो इतिहास बन...
बीरबल साहनी पुराविज्ञान संस्थान के अध्ययन में हुआ बड़ा खुलासा; जानिए कैसे साकली वेटलैंड के मिट्टी के नमूनों ने खोला दुनिया के सबसे बड़े नदी द्वीप का प...
बढ़ता तापमान, पिघलते ग्लेशियर और अनिश्चित मॉनसून—2025-2029 के बीच गंभीर जलवायु परिवर्तनों का सामना कर सकती है दुनिया।
आईएपीआई (IAPI) ने 2029 से लागू होने वाले कड़े एश्योरेंस दायित्वों के बीच अंतर्राष्ट्रीय मानकों को अपनाने और पारदर्शी रिपोर्टिंग ढांचा तैयार करने का आह...
Govind Ballabh Pant National Institute of Himalayan Environment empowers local youth with self-employment skills, sustainable livelihoods, and environ...
हरित वित्तपोषण (Green Finance), कार्बन बाजार और पारदर्शी रिपोर्टिंग के माध्यम से भारत की सतत विकास यात्रा को गति देने की सिफारिश
How a deliberate fusion of policy ambition, technological precision, and community-led action turned the tide on environmental degradation.
जब लहरें तटीय बस्तियों और वैश्विक अर्थव्यवस्था की नींव को निगलने लगें, तब जलवायु परिवर्तन केवल एक पर्यावरणीय संकट नहीं, बल्कि मानव अस्तित्व की सबसे बड...
रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और सूखे की मार झेल रहे शहरी पेड़ समय से पहले बेजान हो रहे हैं। वैज्ञानिकों की चेतावनी है कि यदि समय रहते पुराने पेड़ों को बचाने और ...
From snowless Himalayan peaks to looming El Niño risks, erratic weather systems threaten India's food security and freshwater reserves.