जलवायु आपातकाल की आहट: स्वास्थ्य संकट, कटते जंगल और चरम मौसम से जूझती धरती
पर्यावरण दिवस अब केवल जागरूकता का माध्यम नहीं, बल्कि त्वरित 'जलवायु कार्रवाई' का अंतिम चेतावनी पत्र है।
पर्यावरण दिवस अब केवल जागरूकता का माध्यम नहीं, बल्कि त्वरित 'जलवायु कार्रवाई' का अंतिम चेतावनी पत्र है।
27 अगस्त को मनाया जा रहा दूसरा संयुक्त राष्ट्र मान्यता प्राप्त 'विश्व झील दिवस'; जैव विविधता संरक्षण और जल संकट से निपटने के लिए वैश्विक एकजुटता की अप...
14 अगस्त को मनाए जाने वाले इस दिवस के ज़रिए जानिए कैसे हमारे पारिस्थितिकी तंत्र और खाद्य श्रृंखला को संतुलित रखते हैं ये छोटे जीव।
अध्यात्म से लेकर पारिस्थितिकी तक—हिमालय दिवस (9 सितंबर) पर एक विशेष पड़ताल: क्यों इस पावन पर्वतमाला का संरक्षण केवल पर्यावरण की नहीं, बल्कि हमारी भावी ...
डब्ल्यूएमओ (WMO) की नई रिपोर्ट का खुलासा: 1990 के दशक से तीन गुना बढ़ीं भीषण आग की घटनाएं, हर साल ले रही हैं 1 लाख से अधिक जानें।
क्रैनफील्ड यूनिवर्सिटी (ब्रिटेन) और आईआईटी खड़गपुर के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए एक हालिया अध्ययन के अनुसार, ऐतिहासिक उत्सर्जन के मामले में भारत दुनिया ...
लाखों सैलानियों की आमद से गुलजार अर्थव्यवस्था के पीछे छिपा कंक्रीट का जाल, दूषित होती ब्यास नदी और पिघलती काली बर्फ — समय रहते नहीं संभले तो इतिहास बन...
बीरबल साहनी पुराविज्ञान संस्थान के अध्ययन में हुआ बड़ा खुलासा; जानिए कैसे साकली वेटलैंड के मिट्टी के नमूनों ने खोला दुनिया के सबसे बड़े नदी द्वीप का प...
बढ़ता तापमान, पिघलते ग्लेशियर और अनिश्चित मॉनसून—2025-2029 के बीच गंभीर जलवायु परिवर्तनों का सामना कर सकती है दुनिया।
आईएपीआई (IAPI) ने 2029 से लागू होने वाले कड़े एश्योरेंस दायित्वों के बीच अंतर्राष्ट्रीय मानकों को अपनाने और पारदर्शी रिपोर्टिंग ढांचा तैयार करने का आह...
Govind Ballabh Pant National Institute of Himalayan Environment empowers local youth with self-employment skills, sustainable livelihoods, and environ...
हरित वित्तपोषण (Green Finance), कार्बन बाजार और पारदर्शी रिपोर्टिंग के माध्यम से भारत की सतत विकास यात्रा को गति देने की सिफारिश
How a deliberate fusion of policy ambition, technological precision, and community-led action turned the tide on environmental degradation.
जब लहरें तटीय बस्तियों और वैश्विक अर्थव्यवस्था की नींव को निगलने लगें, तब जलवायु परिवर्तन केवल एक पर्यावरणीय संकट नहीं, बल्कि मानव अस्तित्व की सबसे बड...
रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और सूखे की मार झेल रहे शहरी पेड़ समय से पहले बेजान हो रहे हैं। वैज्ञानिकों की चेतावनी है कि यदि समय रहते पुराने पेड़ों को बचाने और ...
From snowless Himalayan peaks to looming El Niño risks, erratic weather systems threaten India's food security and freshwater reserves.