कौशल विकास पर संसदीय समिति की चिंता: PMKVY 3.0 में मात्र 7% युवाओं को ही मिल सका रोजगार
अरबों के बजट और लाखों प्रमाण पत्रों के बावजूद निराशाजनक प्लेसमेंट दर; योजना के चौथे चरण से पहले उठे गंभीर सवाल।
अरबों के बजट और लाखों प्रमाण पत्रों के बावजूद निराशाजनक प्लेसमेंट दर; योजना के चौथे चरण से पहले उठे गंभीर सवाल।
विश्व बैंक की ‘वर्ल्ड डेवलपमेंट रिपोर्ट 2023’ के अनुसार, विकसित देशों में तेजी से बढ़ती बुजुर्ग आबादी और घटते कार्यबल के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कु...
अगले दशक तक भारत के पास दुनिया की सबसे बड़ी कार्यशील आबादी होगी, लेकिन शिक्षा-रोजगार के असंतुलन को दूर किए बिना इस अवसर को भुनाना नामुमकिन है।
From powering India’s skilled workforce to hosting a historic Big Bash League clash in Chennai, High Commissioner Philip Green outlines an ambitious v...
आईआईटी कानपुर ने तैयार किया ‘फैमिली स्कोर’ सिस्टम; आंध्र प्रदेश में सफल परीक्षण के बाद कल्याणकारी योजनाओं को तुरंत और सटीक रूप से लागू करने की उम्मीद ...
स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल कंप्यूटर लैब और आधुनिक विश्लेषणात्मक प्रयोगशालाओं से लैस यह केंद्र छात्रों, शोधकर्ताओं और उद्योग पेशेवरों को उद्योग-उन्मुख व्...
'आत्मनिर्भर भारत' की नई मिसाल — देश के युवा अब सिर्फ ड्रोन उड़ाएंगे नहीं, बल्कि भारतीय RISC-V प्रोसेसर पर आधारित बनाएंगे इनका स्वदेशी 'दिमाग'!
1.90 लाख से अधिक लाभार्थियों को सशक्त बना चुकी CSIR की यह राष्ट्रीय पहल अब अपने तीसरे चरण में उद्योग और शोध के बीच की खाई को पाट रही है।
ग्लोबल करियर का नया मार्ग: इंटरनेशनल एंप्लायमेंट सेल से खुलेंगे विदेशी नौकरियों के द्वार
कानपुर के NSTI में आयोजित उद्योग परामर्श बैठक में अंतरिक्ष, वैमानिकी (Aviation) और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग जैसे उभरते क्षेत्रों के लिए राष्ट्रीय उत्क...
A strategic initiative aimed at mapping global workforce demand, providing tailored training, and creating transparent international placement pipelin...
अच्छे मार्क्स के साथ-साथ पर्सनैलिटी डेवलपमेंट और व्यावहारिक कौशल ही दिलवाएंगे सपनों का जॉब पैकेज
क्या भारत अपनी युवा आबादी की अपार ऊर्जा को आर्थिक महाशक्ति में बदल पाएगा, या कौशल और रोजगार के बीच की खाई इस सपने को अटका कर रखेगी?
Transforming education into employable expertise is no longer optional—it is the cornerstone of India’s journey toward a $30-trillion economy.
Ditching traditional mindsets allows the next generation to convert innate talents into resilient, long-term careers.