3D कंक्रीट प्रिंटिंग: ग्रामीण आवास निर्माण में भारत की नई क्रांति और आंध्र प्रदेश की पायलट परियोजना
"प्रौद्योगिकी जब अंतिम छोर के व्यक्ति के जीवन को सुगम और सुरक्षित बनाती है, तभी वह सच्चे अर्थों में प्रगति का आधार बनती है।"
"प्रौद्योगिकी जब अंतिम छोर के व्यक्ति के जीवन को सुगम और सुरक्षित बनाती है, तभी वह सच्चे अर्थों में प्रगति का आधार बनती है।"
धार्मिक स्थल का सौंदर्यीकरण और बुनियादी सड़कों का सुदृढ़ीकरण—स्थानीय भागीदारी से बदलेगी ग्रामीण बुनियादी ढाँचे की सूरत।
गांव की जरूरत, गांव का फैसला — 2.55 लाख से अधिक पंचायतों में विकेंद्रीकृत योजना से रची जाएगी 'विकसित भारत' के संकल्प की नींव।
'आय वृद्धि रिकॉर्ड निचले स्तर 27.7% पर, 18% ब्याज पर साहूकारों की शरण लेने को मजबूर 23.6% ग्रामीण परिवार'
सर्वे में सामने आए 1.04 करोड़ बेघर, लेकिन धांधली और 40% फर्जी दस्तावेजों की आशंका ने अटकाया गरीबों के पक्के मकान का सपना—जानिए पूरी रिपोर्ट!
हिपा में छह जिलों के अधिकारियों के लिए दो दिवसीय राज्य स्तरीय ओरिएंटेशन कार्यशाला का शुभारंभ, नियमों की स्पष्टता और बजट के समुचित उपयोग पर विशेष बल।
"सोहना के कोटा और बिस्सर गांव में विकास कार्यों के लिए 51 लाख रुपये की सौगात, जनभागीदारी और पर्यावरण संरक्षण पर विशेष जोर"
सांसद निधि से गोशाला के लिए 11 लाख रुपये की अलग से घोषणा; कहा- 'ग्रामीण विकास से ही समृद्ध भारत का सपना होगा साकार'।
10,000 करोड़ रुपये के प्रोत्साहन पैकेज के ज़रिए उपनगरीय गाँवों को शहरों से जोड़ने की योजना, पर पंचायतों की आशंकाओं और नीतिगत चुनौतियों के बीच कैसे बने...
परंपरा, नवाचार और समावेशिता का अनूठा संगम — संशोधित कानून से खादी एवं ग्राम उद्योगों को मिलेगी नई वैश्विक पहचान और सशक्त होगा 'विकसित भारत' का संकल्प।
"Not a single worker should remain without work for even a day—seamless transition, guaranteed employment, and timely wage payments are non-negotiable...
रसायन-मुक्त खेती, आधुनिक प्रमाणन और मजबूत डिजिटल बाजार से बदलती भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था।
Bridging the Data Void: From Hidden Rural Waste Streams to an Inclusive National Recycling Framework
2005 के ऐतिहासिक मनरेगा कानून की जगह लेने वाले नए ‘वीबी-ग्राम जी अधिनियम, 2025’ को लेकर देश में एक नई बहस छिड़ गई है।
जब-जब आधुनिक शहरी तंत्र ढहा, तब-जब प्रकृति से जुड़े गांवों की आत्मनिर्भरता और नातेदारी अर्थतंत्र ने संभाली भारत की सांसें।
वर्ल्ड इनइक्वलिटी लैब की रिपोर्ट में खुलासा: ऐतिहासिक औपनिवेशिक नीतियां, सामाजिक ढांचा और उपजाऊ भूमि वाले क्षेत्रों में भू-स्वामित्व का संकेंद्रण बना ...
सीईईडब्ल्यू (CEEW) के नए अध्ययनों से उजागर हुआ कि रिफिल की उच्च कीमत, होम डिलीवरी का अभाव और दस्तावेजी जटिलताएँ भारत में स्वच्छ ईंधन के पूर्ण उपयोग मे...
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के अधिकारियों को सख्त निर्देश; शिकायत निवारण, डिजिटलाइजेशन और प्रक्रियात्मक सुधारों पर रहेगा मुख्य फोकस।
ग्रामीण सीमाओं को सशक्त बनाकर ही संवर सकती हैं शहरों की सांसें—जानिए विशेषज्ञों की राय।
"रोजगार की गारंटी, विकास की गति—समृद्ध गांवों से बनेगा आत्मनिर्भर भारत"
2047 तक 'विकसित भारत' के संकल्प को साकार करने की तैयारी; 6 करोड़ 'लखपति दीदी' और कृषि निर्यात विस्तार पर अधिकारियों, किसानों व फूड प्रोसेसर्स संग होगी...
Driven by the Digital India vision and DAY-NRLM, the eSARAS marketplace bridges grassroots artisans with mainstream commerce, turning rural craft into...
15 वर्षों के सफल कार्यान्वयन के बाद, वियतनाम का 'न्यू रूरल डेवलपमेंट' (NRA) कार्यक्रम अब केवल बुनियादी इंफ्रास्ट्रक्चर के लक्ष्यों तक सीमित नहीं है, ब...
गाँव के हर परिवार को आजीविका से जोड़ने, पलायन रोकने और एकीकृत विकास मॉडल से ग्रामीण भारत की तस्वीर बदलने की दूरदर्शी पहल
सहकारी संघवाद, नई योजनाओं और डिजिटल क्रांति के बल पर बदलेगी ग्रामीण भारत की तस्वीर और तकदीर
जब बिजली के तार सिर्फ नक्शों पर न रहकर सूरज की किरणों के ज़रिए गाँव-गाँव रौशनी और समृद्धि पहुँचाने लगें, तो समझिए एक नई क्रांति की शुरुआत हो चुकी है।
ग्रामीण आजीविका, महिला सशक्तिकरण और जलवायु अनुकूलन पर केंद्रित होगी 8 वर्षीय COSOP रणनीति; 2.73 लाख करोड़ रुपये हुआ ग्रामीण विकास बजट।
लगभग 65 प्रतिशत आबादी को समेटे भारत का ग्रामीण अंचल आज भी बुनियादी सुविधाओं, कृषि संकट और सामाजिक असमानता से जूझ रहा है; जानिए क्या हैं समाधान।
New business incubators across four states will empower over 600 rural self-help group ventures under the flagship 'Lakhpati Didi' framework.