CSIR-राष्ट्रीय रसायन प्रयोगशाला (NCL), पुणे में अत्याधुनिक कौशल विकास केंद्र का उद्घाटन: वैज्ञानिक प्रशिक्षण और रोजगार को मिलेगी नई दिशा

09 Sep 2026
CSIR-राष्ट्रीय रसायन प्रयोगशाला (NCL), पुणे में अत्याधुनिक कौशल विकास केंद्र का उद्घाटन: वैज्ञानिक प्रशिक्षण और रोजगार को मिलेगी नई दिशा

स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल कंप्यूटर लैब और आधुनिक विश्लेषणात्मक प्रयोगशालाओं से लैस यह केंद्र छात्रों, शोधकर्ताओं और उद्योग पेशेवरों को उद्योग-उन्मुख व्यावहारिक कौशल प्रदान करेगा।

प्रमुख बिंदु एवं कार्यक्रम का विवरण

देश में उद्योग-आधारित तकनीकी शिक्षा और वैज्ञानिक कौशल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से CSIR-NCL, पुणे ने अपने पुनर्निर्मित एवं अत्याधुनिक कौशल विकास केंद्र (Skill Development Centre) का आधिकारिक उद्घाटन किया है।

उद्घाटनकर्ता: डॉ. आशीष लेले (निदेशक, CSIR-NCL)।

मुख्य अतिथि: डॉ. विनय कुमार (नोडल वैज्ञानिक, CSIR-HRDC गाजियाबाद & CSIR-एकीकृत कौशल पहल)।

उद्योग सहभागिता (CSR): इस आधुनिकीकरण परियोजना को एनवेलियर (Envalior) ने अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) पहल के तहत सहयोग देकर पूरा किया है।

उपस्थिति: डॉ. राजेश गोन्नाडे (कौशल नोडल अधिकारी), श्रीमती कनिका गोयल (प्रशासनिक नियंत्रक) तथा कई वरिष्ठ अधिकारी एवं विशेषज्ञ।

अत्याधुनिक बुनियादी ढांचा और मुख्य सुविधाएं

एनवेलियर (Envalior) के कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) सहयोग से तैयार यह केंद्र सभी तकनीकी व कौशल पाठ्यक्रमों को एक ही छत के नीचे लाता है:

तकनीकी सुविधाएं: इंटरैक्टिव स्मार्ट डिस्प्ले, डिजिटल पोडियम और समर्पित कंप्यूटर लैब।

अनुसंधान एवं प्रबंधन: उन्नत डिजिटल कॉन्फ्रेंस रूम, विश्लेषणात्मक (Analytical) प्रयोगशालाएं और एक केंद्रीकृत स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम (SDP) कार्यालय।

उद्घाटन एवं मुख्य उपस्थितियाँ

उद्घाटनकर्ता: डॉ. आशीष लेले (निदेशक, CSIR-NCL)।

मुख्य अतिथि: डॉ. विनय कुमार (नोडल वैज्ञानिक, CSIR-HRDC गाजियाबाद)।

अन्य वरिष्ठ अधिकारी: एनवेलियर टीम के प्रतिनिधि, डॉ. राजेश गोन्नाडे (कौशल नोडल अधिकारी) और श्रीमती कनिका गोयल (प्रशासनिक नियंत्रक)।

प्रमुख उद्देश्य और प्रभाव

क्षेत्रप्रमुख बिंदु एवं लाभ
व्यावहारिक प्रशिक्षण (Hands-on Training)अनुभवी वैज्ञानिकों की देखरेख में आधुनिक उपकरणों का प्रत्यक्ष अनुभव और औद्योगिक दक्षता में वृद्धि।
उद्योग-शिक्षा सेतु (Industry-Academia Bridge)शिक्षा और उद्योग के बीच की दूरी को कम कर युवाओं की रोजगार क्षमता (Employability) को बढ़ाना।
राष्ट्रीय अभियानों को समर्थनCSIR-एकीकृत कौशल पहल (CSIR-ISI) के तहत 'स्किल इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' को मजबूती देना।

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