स्वदेशी चिप 'VEGA' से उड़ान भरेगा भारत: MeitY और DFI ने लॉन्च किया NIDAR 2.0 इनोवेशन चैलेंज
'आत्मनिर्भर भारत' की नई मिसाल — देश के युवा अब सिर्फ ड्रोन उड़ाएंगे नहीं, बल्कि भारतीय RISC-V प्रोसेसर पर आधारित बनाएंगे इनका स्वदेशी 'दिमाग'!
भूमिका: ड्रोन और सेमीकंडक्टर क्रांति का नया अध्याय
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने ड्रोन फेडरेशन इंडिया (DFI) के सहयोग से अपनी महत्वाकांक्षी SwaYaan पहल के तहत 'नेशनल इनोवेशन चैलेंज फॉर ड्रोन एप्लीकेशन एंड रिसर्च' (NIDAR 2.0, 2026-27) के दूसरे संस्करण का आधिकारिक शुभारंभ कर दिया है।
नई दिल्ली स्थित 'इलेक्ट्रॉनिक्स निकेतन' में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में देश भर से छात्रों, शिक्षाविदों, नीति-निर्माताओं और रक्षा व उद्योग जगत के शीर्ष प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता का मुख्य लक्ष्य भारत के युवा प्रतिभाओं को ड्रोन हार्डवेयर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमीकंडक्टर डिजाइन और एम्बेडेड इलेक्ट्रॉनिक्स की आधुनिक तकनीकों से सीधे जोड़ना है।
NIDAR 2.0: ₹65 लाख से अधिक का पुरस्कार और व्यावसायिक इनक्यूबेशन
NIDAR 2.0 के तहत प्रतिभागी टीमों को भारत के स्वदेशी VEGA प्रोसेसर पर आधारित स्मार्ट, सुरक्षित और पूरी तरह ऑटोनॉमस (स्वायत्त) ड्रोन प्रणाली विकसित करने की चुनौती दी गई है।
पुरस्कार राशि में बढ़ोतरी: प्रतियोगिता के बढ़ते दायरे और महत्व को देखते हुए इस वर्ष कुल पुरस्कार राशि बढ़ाकर ₹65 लाख से अधिक कर दी गई है।
स्टार्टअप को बढ़ावा: छात्रों को केवल विचारों तक सीमित न रखकर उनके प्रोटोटाइप को व्यावसायिक उत्पाद (Commercial Product) में बदलने के लिए शीर्ष प्रदर्शन करने वाली टीमों को:
स्टार्टअप इनक्यूबेशन और मेंटरशिप,
कॉर्पोरेट इंटर्नशिप के अवसर,
क्लाउड कंप्यूटिंग क्रेडिट्स व सॉफ्टवेयर सपोर्ट,
उद्योग विशेषज्ञों द्वारा निरंतर तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।
'ड्रोन का दिमाग' बनाएंगे भारतीय छात्र: एस. कृष्णन
कार्यक्रम के दौरान MeitY के सचिव एस. कृष्णन ने NIDAR 2.0 की आधिकारिक रूलबुक, पोस्टर और प्रॉब्लम स्टेटमेंट का विमोचन किया।
इस अवसर पर बोलते हुए उन्होंने कहा:
"NIDAR 2.0 का उद्देश्य केवल छात्रों को ड्रोन उड़ाने का प्रशिक्षण देना नहीं है, बल्कि उन्हें ड्रोन का 'दिमाग' (फ्लाइट कंट्रोलर व एल्गोरिदम) विकसित करने के लिए प्रेरित करना है। जब हमारे ड्रोन भारत में निर्मित VEGA प्रोसेसर पर चलेंगे, तब देश विदेशी चिप डिजाइन और भारी-भरकम लाइसेंसिंग शुल्क पर अपनी निर्भरता को समाप्त कर सकेगा।"
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि VEGA प्रोसेसर को डिजिटल इंडिया RISC-V (DIR-V) कार्यक्रम के तहत विकसित किया गया है, जो स्वदेशी माइक्रोप्रोसेसर इकोसिस्टम को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है।
दो तकनीकी ट्रैक: व्यावहारिक चुनौतियों पर सीधा ध्यान
NIDAR 2.0 को दो मुख्य तकनीकी ट्रैकों में विभाजित किया गया है:
ट्रैक 1: ड्रोन इनोवेशन (Drone Innovation)
ऑटोनॉमस स्वार्म ड्रोन: प्रतिभागियों को ऐसे ऑटोनॉमस ड्रोन स्वार्म (झुंड) तैयार करने होंगे जो बिना किसी बाहरी नेटवर्क/GPS के आपदा प्रभावित क्षेत्रों में जीवित लोगों की पहचान कर सकें और तत्काल जीवनरक्षक दवाएं पहुंचा सकें।
इनडोर व GPS-रहित नेविगेशन: सीमित और बंद औद्योगिक परिसरों में बिना GPS के सुरक्षित उड़ान भरकर स्वचालित निरीक्षण (Industrial Inspection) करने वाले ड्रोन का निर्माण।
ट्रैक 2: कंपोनेंट इनोवेशन (Component Innovation)
स्वदेशी ऑटोपायलट सिस्टम: इस ट्रैक में छात्रों को C-DAC द्वारा निर्मित VEGA प्रोसेसर और भारतीय इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स का उपयोग करके स्वदेशी 'फ्लाइट कंट्रोलर' और 'ऑटोपायलट बोर्ड' डिजाइन करने होंगे।
100 टीमों को किट सहायता: तकनीकी मूल्यांकन के बाद चुनी गई शीर्ष 100 टीमों को विकास और परीक्षण के लिए दो-दो VEGA प्रोसेसर डेवलपमेंट किट प्रदान की जाएंगी।
VEGA प्रोसेसर: स्वदेशी ड्रोन तकनीक का नया आधार
VEGA प्रोसेसर ओपन-स्टैंडर्ड RISC-V आर्किटेक्चर पर आधारित स्वदेशी माइक्रोप्रोसेसरों की श्रृंखला है, जिसे सी-डैक (C-DAC) ने MeitY के माइक्रोप्रोसेसर डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत तैयार किया है।
NIDAR 2.0 के जरिए देश में पहली बार छात्रों को भारतीय चिप्स का उपयोग करके ड्रोन का कंट्रोलर डिजाइन करने का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा। इससे नागरिक और सैन्य (रक्षा) दोनों क्षेत्रों में इस्तेमाल होने वाले ड्रोन के लिए एक मजबूत और सुरक्षित घरेलू सप्लाई चेन तैयार होगी, जो 'विकसित भारत @2047' के सपने को साकार करने में मदद करेगी।
पहले संस्करण की सफलता और SwaYaan का रोडमैप
NIDAR के सफर की शुरुआत मार्च 2025 में हुई थी, जिसे देश भर में अभूतपूर्व प्रतिक्रिया मिली थी:
| विवरण | NIDAR 1.0 (मार्च 2025) | NIDAR 2.0 (2026-27) |
|---|---|---|
| भागीदारी | 22 राज्यों और 4 UTs के 3,448 छात्र | दायरा और अधिक व्यापक और उद्योग-केंद्रित |
| फिनाले तक पहुंची टीमें | 93 टीमें | शीर्ष 100 टीमों को मिलेगी VEGA किट |
| पुरस्कार राशि | ₹40 लाख (24 विजेता टीमें) | ₹65 लाख से अधिक |
SwaYaan पहल का विजन: जुलाई 2022 में ₹89.87 करोड़ के बजट के साथ स्वीकृत SwaYaan योजना का उद्देश्य 5 वर्षों में देश के भीतर ड्रोन तकनीक का एक विशाल कुशल कार्यबल तैयार करना है।
वर्तमान में IISc, IITs, IIITs, NITs, C-DAC और NIELIT जैसे 30 प्रमुख संस्थान इस अभियान से जुड़े हैं। इस योजना के तहत अब तक 51,000 से अधिक छात्रों और शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा चुका है, जबकि ड्रोन तकनीक में M.Tech, माइनर डिग्री, ऑनलाइन पाठ्यक्रम और रिसर्च-पेटेंट गतिविधियों को भी व्यापक स्तर पर बढ़ावा दिया जा रहा है।
निष्कर्ष
NIDAR 2.0 केवल एक तकनीकी प्रतियोगिता नहीं है; यह भारत को वैश्विक स्तर पर ड्रोन और सेमीकंडक्टर इनोवेशन का हब बनाने की दिशा में एक दूरदर्शी कदम है। स्वदेशी hardware और software के संगम से तैयार होने वाले ये समाधान आने वाले समय में रक्षा, आपदा प्रबंधन, कृषि, लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक क्षेत्र की तस्वीर बदलने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।