विकसित भारत जी राम जी: ग्रामीण भारत के स्वर्णिम अध्याय की ओर एक ऐतिहासिक कदम

08 Sep 2026
विकसित भारत जी राम जी: ग्रामीण भारत के स्वर्णिम अध्याय की ओर एक ऐतिहासिक कदम

"रोजगार की गारंटी, विकास की गति—समृद्ध गांवों से बनेगा आत्मनिर्भर भारत"

 

 

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने और करोड़ों श्रमिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने एक नई और ऐतिहासिक व्यवस्था "विकसित भारत जी राम जी" की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन में शुरू की गई इस व्यापक वित्तीय और नीतिगत पहल के सुचारू क्रियान्वयन को लेकर केंद्रीय ग्रामीण विकास, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के ग्रामीण विकास मंत्रियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री श्री चंद्रशेखर पेम्मासामी भी उपस्थित रहे।

श्रमिक-केंद्रित व्यवस्था और निरंतर रोजगार की प्रतिबद्धता

बैठक को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट किया कि 1 जुलाई 2026 से लागू होने जा रही यह नई व्यवस्था महज एक प्रशासनिक या योजनागत बदलाव नहीं है, बल्कि यह देश के करोड़ों मजदूरों की आजीविका और उनके अधिकारों से जुड़ा एक अति संवेदनशील विषय है।

उन्होंने राज्यों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि व्यवस्था में बदलाव (ट्रांजिशन) के दौरान एक भी मजदूर बिना काम के न रहे। रोजगार सृजन, मजदूरी भुगतान और श्रमिकों के वैधानिक अधिकारों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की रुकावट या व्यवधान को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

"यह केवल एक योजना का परिवर्तन नहीं है, बल्कि करोड़ों मजदूरों के जीवन और आजीविका से जुड़ा विषय है। केंद्र सरकार सुनिश्चित करेगी कि श्रमिकों के अधिकार पूरी तरह सुरक्षित रहें।"

श्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री

1.25 लाख करोड़ रुपये का ऐतिहासिक वित्तीय आवंटन

ग्रामीण विकास की रफ्तार को दोगुना करने के लिए केंद्र सरकार ने धन की कोई कमी नहीं होने दी है। योजना के क्रियान्वयन हेतु भारी वित्तीय सहायता की घोषणा की गई है:

पूर्व आवंटित राशि: ₹30,000 करोड़ (मनरेगा के तहत जारी)

नवीन अंतरिम आवंटन (Interim Allocation): ₹95,692.31 करोड़

कुल बजट प्रावधान: ₹1.25 लाख करोड़ से अधिक

यह विशाल धनराशि देश की लगभग 2.80 लाख ग्राम पंचायतों तक सीधे पहुंचेगी, जिससे प्रत्येक पंचायत को विकास कार्यों के लिए लाखों रुपये का फंड मिलेगा। इस राशि का उपयोग केवल रोजगार देने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में मजबूत और टिकाऊ परिसंपत्तियों (Assets) का निर्माण भी सुनिश्चित करेगा।

राज्यों के लिए अंतरिम आवंटन का पूर्ण ब्योरा

क्षेत्रीय विकास को संतुलित गति देने के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए ₹95,692.31 करोड़ का अंतरिम आवंटन जारी किया गया है, जो इस प्रकार है:

राज्य / केंद्र शासित प्रदेशआवंटित राशि (करोड़ रुपये में)
उत्तर प्रदेश₹9,721.48
पश्चिम बंगाल₹8,508.00
आंध्र प्रदेश₹7,707.21
तमिलनाडु₹7,585.49
राजस्थान₹7,581.87
बिहार₹6,715.83
मध्य प्रदेश₹6,252.03
कर्नाटक₹5,709.90
महाराष्ट्र₹4,420.32
तेलंगाना₹3,825.31
ओडिशा₹3,763.80
छत्तीसगढ़₹3,354.85
केरल₹3,136.44
झारखंड₹2,705.64
असम₹1,929.70
गुजरात₹1,540.54
पंजाब₹1,331.61
हिमाचल प्रदेश₹1,203.28
मेघालय₹1,155.09
त्रिपुरा₹1,041.70
उत्तराखंड₹626.43
मिजोरम₹611.65
हरियाणा₹590.19
मणिपुर₹581.99
अरुणाचल प्रदेश₹560.70
नागालैंड₹287.85
सिक्किम₹97.57
गोवा₹3.70
कुल राज्य आवंटन (28 राज्य)₹92,550.17 करोड़

 

केंद्र शासित प्रदेश (UTs):

जम्मू-कश्मीर: ₹1,151.20 करोड़

लद्दाख: ₹85.98 करोड़

पुडुचेरी: ₹40.56 करोड़

दादरा-नगर हवेली एवं दमन-दीव: ₹9.02 करोड़

अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह: ₹4.44 करोड़

लक्षद्वीप: ₹0.32 करोड़

कुल यूटी आवंटन: ₹1,291.52 करोड़

(नोट: इसके अतिरिक्त केंद्रीय प्रशासन और सोशल ऑडिट के पारदर्शी संचालन के लिए ₹1,850.62 करोड़ की राशि अलग से निर्धारित की गई है।)

डिजिटल पारदर्शिता और प्रशासनिक तैयारियां

नई व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी और आधुनिक बनाने के लिए कई डिजिटल पहलों को अनिवार्य किया जा रहा है:

डिजिटल अवसंरचना: DBT (प्रत्यक्ष लाभ अंतरण), SMS-आधारित सूचना प्रणाली, e-KYC और फेस ऑथेंटिकेशन जैसी प्रक्रियाओं के माध्यम से सीधी निगरानी की जा रही है।

बजटीय प्रावधान: 26 राज्यों ने 'विकसित भारत-ग्रामीण भारत' के लक्ष्य के तहत अपने राज्य बजट में वित्तीय प्रावधान पूरे कर लिए हैं। केंद्रीय मंत्री ने झारखंड, कर्नाटक, तेलंगाना और मिजोरम से भी यह प्रक्रिया जल्द पूरी करने का आग्रह किया है।

राज्य स्तरीय अधिसूचना: मिजोरम, पुडुचेरी और आंध्र प्रदेश द्वारा अधिसूचना जारी करने की सराहना करते हुए अन्य राज्यों को भी शीघ्र अधिसूचना जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।

पंचायती राज की भूमिका: सभी विकास कार्यों का चयन और प्रस्ताव केवल ग्राम पंचायत एवं ग्राम सभा के माध्यम से ही तय किए जाएंगे।

आगामी कार्य योजना व राष्ट्रीय सम्मेलन

1 जुलाई से योजना के निर्बाध क्रियान्वयन के लिए राज्यों को कृषि के 'पीक सीजन' को अधिसूचित करने, 100% e-KYC पूरा करने तथा जिला व ब्लॉक स्तर पर व्यापक जागरूकता और क्षमता निर्माण कार्यक्रम चलाने के निर्देश दिए गए हैं।

केंद्रीय मंत्री ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों को 28 और 29 जून को दिल्ली के पूसा संस्थान में आयोजित होने वाले 'राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन' में भाग लेने का निमंत्रण दिया। इस सम्मेलन में योजना के जमीनी क्रियान्वयन पर विस्तृत रणनीति बनाई जाएगी।

विकसित गांव से विकसित भारत

श्री शिवराज सिंह चौहान ने विश्वास जताया कि सभी राज्यों के परस्पर सहयोग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में यह पहल केवल एक सरकारी योजना बनकर नहीं रहेगी, बल्कि 'विकसित भारत' के सपने को साकार करने में मील का पत्थर साबित होगी।


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