SHE-MARTs: ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और बाजार विस्तार के लिए MoRD की नई राष्ट्रीय रूपरेखा
केन्द्र सरकार का बड़ा कदम: सब्सिडी आधारित मॉडल से आगे बढ़कर स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के लिए पेशेवर व विकेंद्रीकृत रिटेल नेटवर्क तैयार करने की पहल; 2029 तक 3 करोड़ अतिरिक्त 'लखपति दीदी' बनाने का लक्ष्य।
ग्रामीण विकास मंत्रालय (MoRD) ने ग्रामीण भारत की महिला उद्यमियों के लिए एक ऐतिहासिक राष्ट्रीय पहल शुरू की है। SHE-MARTs (Self Help Entrepreneurs-Marketing Avenues for Rural Transformation) नाम से शुरू की जा रही इस राष्ट्रीय रूपरेखा का उद्देश्य महिलाओं के नेतृत्व वाले ग्रामीण मार्केटिंग नेटवर्क को स्थापित करना, स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाना और ग्रामीण आय में स्थायी वृद्धि दर्ज कराना है।
भुवनेश्वर में दो दिवसीय राष्ट्रीय परामर्श बैठक
इस महत्वाकांक्षी योजना के संचालन संबंधी दिशानिर्देशों और नीतिगत ढांचे को अंतिम रूप देने के लिए 14-15 मई को भुवनेश्वर (ओडिशा) में एक दो दिवसीय राष्ट्रीय परामर्श बैठक का आयोजन किया गया।
आयोजक व मेजबान: दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) और ओडिशा सरकार का 'मिशन शक्ति' विभाग (ओडिशा लाइवलीहुड्स मिशन)।
सहयोगी संस्थाएं: PRADAN (राष्ट्रीय सहयोगी संगठन), NABARD, राज्य आजीविका मिशन (SRLMs), वित्तीय संस्थान और विकास क्षेत्र के विशेषज्ञ।
SHE-MARTs मॉडल के मुख्य स्तंभ
केंद्रीय बजट 2026 में घोषित इस पहल को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए अधिकारियों और विशेषज्ञों ने निम्नलिखित प्रमुख रणनीतियों पर सहमति व्यक्त की:
समुदायिक स्वामित्व और व्यावसायिक संचालन: अतिरिक्त सचिव टी.के. अनिल कुमार के अनुसार, SHE-MARTs को सब्सिडी-निर्भर आउटलेट्स के स्थान पर महिलाओं के सामुदायिक समूहों द्वारा संचालित व्यावसायिक रिटेल और एग्रीगेशन प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया जाएगा।
उद्यम-आधारित ढांचा: आजीविका निदेशक डॉ. मोलीश्री ने स्पष्ट किया कि अब पारंपरिक आजीविका से आगे बढ़कर उद्यम-आधारित (Enterprise-based) ग्रामीण बाजार प्रणाली विकसित करने का समय आ गया है।
तकनीक और VB-GRAM-G के साथ समन्वय: संयुक्त सचिव स्वाति शर्मा और रोहिणी आर. भाजीभाकरे ने ड्राफ्ट फ्रेमवर्क, तकनीकी एकीकरण और VB-GRAM-G पहल के साथ SHE-MARTs के तालमेल पर विचार-विमर्श किया।
ओडिशा मॉडल की सफलता: ओडिशा की राज्य मिशन निदेशक मोनिका प्रियदर्शिनी ने 'मिशन शक्ति' के तहत महिलाओं के नेतृत्व वाले विकेंद्रीकृत उद्यमिता मॉडल के सफल अनुभवों को साझा किया।
'लखपति दीदी' लक्ष्य को मिलेगी गति
ग्रामीण विकास मंत्रालय ने 2029 तक तीन करोड़ अतिरिक्त 'लखपति दीदी' तैयार करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। SHE-MARTs के माध्यम से महिला उत्पादक समूहों को ब्रांडिंग, पैकेजिंग, बेहतर मूल्य शृंखला (Value Chain) और बाजार तक सीधी पहुंच मिलेगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाने के राष्ट्रीय संकल्प को नई गति प्राप्त होगी।