सुपरबग का गहराता संकट: एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस से भारत में बढ़ा मरीजों की जान और जेब पर जोखिम

06 Sep 2026
सुपरबग का गहराता संकट: एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस से भारत में बढ़ा मरीजों की जान और जेब पर जोखिम

ICMR के 20 बड़े अस्पतालों पर किए गए शोध में खुलासा, ग्राम-नेगेटिव बैक्टीरिया पर निष्प्रभावी हो रही हैं 'कार्बापेनेम' जैसी जीवनरक्षक दवाएं।

 

 

भारत में एंटीबायोटिक दवाओं के बेअसर होने (एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस) के कारण बैक्टीरियल इंफेक्शन अब अधिक घातक और खर्चीले साबित हो रहे हैं। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस सर्विलांस नेटवर्क द्वारा किए गए एक बड़े अध्ययन से पता चला है कि गंभीर संक्रमणों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली शक्तिशाली 'कार्बापेनेम' (Carbapenem) एंटीबायोटिक्स भी अब कई बैक्टीरिया पर असर नहीं कर पा रही हैं।

यह अध्ययन अप्रैल 2022 से अप्रैल 2025 के बीच देश के 20 प्रमुख अस्पतालों में भर्ती 1,59,336 मरीजों पर किया गया। इनमें से 26,213 मरीजों में ग्राम-नेगेटिव बैक्टीरिया का संक्रमण पाया गया, जिनमें से 61.1% (16,025 मरीज) कार्बापेनेम-रेजिस्टेंट पाए गए।

प्रमुख ग्राम-नेगेटिव बैक्टीरिया और उनका असर ग्राम-नेगेटिव बैक्टीरिया फेफड़ों, मूत्र मार्ग, घावों और रक्तप्रवाह में गंभीर संक्रमण पैदा करते हैं। मुख्य रूप से चार बैक्टीरिया चिंता का विषय हैं: ई. कोलाई (E. coli), क्लेबसिएला न्यूमोनिया, एसिनेटोबैक्टर बाउमानी, और स्यूडोमोनास एरुजिनोसा

अध्ययन के मुख्य निष्कर्ष: मृत्यु दर और अतिरिक्त जोखिम

बैक्टीरियादवा-प्रतिरोधी मामलों में मृत्यु दरसंवेदनशील मामलों में मृत्यु दरमृत्यु का अतिरिक्त जोखिम
ई. कोलाई24.4%17.3%+41%
क्लेबसिएला न्यूमोनिया31.2%23.5%+33%
एसिनेटोबैक्टर बाउमानी37.9%32.8%+16%
स्यूडोमोनास एरुजिनोसा28.9%20.2%+43%

 

रक्तप्रवाह संक्रमण (Bloodstream Infections): यदि बैक्टीरिया खून तक पहुँच जाता है, तो खतरा काफी बढ़ जाता है। प्रतिरोधी मामलों में मृत्यु दर 39.3% से लेकर 50.8% (एसिनेटोबैक्टर के लिए) तक दर्ज की गई।

उपचार की लागत में भारी वृद्धि दवाओं के बेअसर होने से मरीजों का अस्पताल में रहने का समय और दवाओं का खर्च 1.1 से 2 गुना तक बढ़ जाता है। (यह गणना जनऔषधि दरों पर आधारित है; बाजार दरों पर वास्तविक खर्च इससे कहीं अधिक हो सकता है):

ई. कोलाई: दवा-प्रतिरोधी में औसतन ₹39,846 (सामान्य में ₹20,034)

स्यूडोमोनास एरुजिनोसा: दवा-प्रतिरोधी में औसतन ₹66,599 (सामान्य में ₹48,392)

अस्पताल से जुड़े संक्रमण (Hospital-Acquired Infections) शोध से पता चलता है कि इन चार बैक्टीरिया से होने वाले 85% से 95% संक्रमण अस्पतालों के वातावरण, सर्जरी या शरीर में लगे मेडिकल उपकरणों से फैलते हैं।

रोकथाम के लिए आवश्यक कदम

अस्पताल स्वच्छता: अस्पतालों में सख्त संक्रमण-नियंत्रण (Infection Control) मानकों का पालन।

सटीक एवं त्वरित जांच: समय पर सही एंटीबायोटिक की पहचान कर तुरंत सही इलाज शुरू करना।

जिम्मेदार दवा उपयोग: बिना डॉक्टरी सलाह के एंटीबायोटिक्स का अंधाधुंध उपयोग रोकना।


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