तकनीकी कौशल से समृद्ध देश का युवा अब दुनिया के वैश्विक मंच पर लहराएगा अपनी सफलता का परचम

06 Sep 2026
तकनीकी कौशल से समृद्ध देश का युवा अब दुनिया के वैश्विक मंच पर लहराएगा अपनी सफलता का परचम

ग्लोबल करियर का नया मार्ग: इंटरनेशनल एंप्लायमेंट सेल से खुलेंगे विदेशी नौकरियों के द्वार

 

 

कौशल विकास मिशन ने हुनरमंद युवाओं के सपनों को नई उड़ान देते हुए एक ऐतिहासिक पहल की है। युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के ध्येय से 'इंटरनेशनल एंप्लायमेंट सेल' का गठन किया गया है। यह नई व्यवस्था न केवल विदेशों में उपलब्ध रोजगार के अवसरों की सटीक जानकारी जुटाएगी, बल्कि वहां की कंपनियों की मांग के अनुरूप युवाओं को विशेष रूप से प्रशिक्षित कर एक पारदर्शी प्रक्रिया के जरिए वैश्विक नौकरियों से भी जोड़ेगी।

यह सेल विदेश मंत्रालय के पंजीकृत रिक्रूटिंग एजेंटों, सेवायोजन निदेशालय के 'मिशन रोजगार' तथा अन्य संबंधित संस्थाओं के साथ तालमेल बिठाकर कार्य करेगा। इसका मुख्य उद्देश्य विदेशी कंपनियों से कर्मचारियों की मांग (रिक्वायरमेंट) प्राप्त करना और उसके अनुसार योग्य व प्रशिक्षित युवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।

मजबूत नेतृत्व और प्रशासनिक ढांचा इंटरनेशनल एंप्लायमेंट सेल को सुचारू और प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए मुख्य जिम्मेदारियां तय कर दी गई हैं:

अध्यक्ष: सहायक निदेशक डॉ. एम. के. सिंह

नोडल अधिकारी: सहायक प्रबंधक विजय नामदेव

हर 15 दिन में समीक्षा और दूरदर्शी कार्ययोजना कामकाज को गति देने के लिए यह सेल प्रत्येक 15 दिन में 'मिशन रोजगार सेल' के साथ समीक्षा बैठक आयोजित करेगा। इस कार्ययोजना के प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं:

मांग का आकलन: विभिन्न देशों और क्षेत्रों में रोजगार की उभरती मांगों की जानकारी जुटाना।

डेटाबेस का निर्माण: योग्य अभ्यर्थियों का व्यवस्थित डेटाबेस तैयार कर संबंधित एजेंसियों को उपलब्ध कराना।

भविष्य की तैयारी: आने वाली नौकरियों का पूर्व-अनुमान लगाकर नए प्रशिक्षण पाठ्यक्रम शुरू करना।

वैश्विक अध्ययन: 'इन्वेस्ट यूपी' के सहयोग से विदेशी बाजारों में कुशल श्रमिकों की मांग का व्यापक अध्ययन करना।

प्राथमिकता: मिशन से प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके बेरोजगार युवाओं को अंतरराष्ट्रीय नियुक्तियों में प्राथमिकता देना।

वैश्विक मंच पर भारतीय हुनर का परचम व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री कपिल देव अग्रवाल के अनुसार, यह व्यवस्था प्रशिक्षित युवाओं को सीधे वैश्विक रोजगार बाजार से जोड़ने में मील का पत्थर साबित होगी। वहीं, मिशन निदेशक पुलकित खरे ने बताया कि वर्तमान में 35 प्रमुख क्षेत्रों (सेक्टर्स) में 1,300 से अधिक जॉब रोल के लिए युवाओं को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।

इस दूरदर्शी कदम से न केवल युवाओं का विदेश में सुरक्षित और सम्मानजनक रोजगार पाने का सपना साकार होगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के कुशल मानव संसाधन की साख भी मजबूत होगी।


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