PM-SETU योजना: कौशल विकास और भविष्य के उद्योगों के लिए एक नया अध्याय
कानपुर के NSTI में आयोजित उद्योग परामर्श बैठक में अंतरिक्ष, वैमानिकी (Aviation) और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग जैसे उभरते क्षेत्रों के लिए राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (NCOE) विकसित करने पर बना बड़ा खाका।
भारत को वैश्विक स्तर पर एक कुशल और प्रतिस्पर्धी विनिर्माण केंद्र बनाने के उद्देश्य से सरकार ने कौशल विकास और प्रशिक्षण के ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। प्रधानमंत्री कौशल विकास एवं रोजगार क्षमता परिवर्तन (PM-SETU) योजना के अंतर्गत कानपुर स्थित 'राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान' (NSTI) में एक उच्चस्तरीय उद्योग परामर्श बैठक आयोजित की गई।
यह बैठक कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) के तहत प्रशिक्षण महानिदेशालय (DGT) द्वारा आयोजित की गई थी, जिसका मुख्य केंद्र एयरोस्पेस, रक्षा, नागरिक विमानन और उन्नत विनिर्माण (Advanced Manufacturing) जैसे रणनीतिक क्षेत्रों के लिए अत्याधुनिक प्रशिक्षण ढांचा तैयार करना रहा।
उद्योग-आधारित प्रशिक्षण पर विशेष जोर
सरकार का मुख्य लक्ष्य युवाओं को केवल सैद्धांतिक या प्रमाणपत्र-आधारित शिक्षा देने के बजाय उद्योगों की प्रत्यक्ष व्यावहारिक आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना है।
पाठ्यक्रम और प्रयोगशालाएं: उद्योग की मांग के अनुसार नया पाठ्यक्रम तैयार करना, आधुनिक लैब स्थापित करना और प्रशिक्षुता (Apprenticeship) को बढ़ाना।
अंतरराष्ट्रीय व द्विपक्षीय सहयोग: कानपुर NSTI में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और संबद्ध क्षेत्रों के लिए राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (NCOE) का विकास भारत-फ्रांस द्विपक्षीय साझेदारी और उद्योग विशेषज्ञों के सहयोग से किया जाएगा।
उच्च तकनीक मानव संसाधन: एयरोस्पेस और स्पेस-टेक जैसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों के लिए विश्वस्तरीय और भविष्य की तकनीकों से लैस कार्यबल (Skilled Manpower) तैयार करना।
दिग्गजों की भागीदारी और वैश्विक जुड़ाव
कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय की सचिव देबाश्री मुखर्जी की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में रक्षा, ऊर्जा, परिवहन, और सटीक इंजीनियरिंग क्षेत्र से जुड़ी 25 से अधिक प्रमुख कंपनियों और वैश्विक संस्थानों ने हिस्सा लिया:
| क्षेत्र / श्रेणी | भाग लेने वाली प्रमुख संस्थाएं |
|---|---|
| रक्षा एवं वैमानिकी (Aviation) | हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL), डसॉल्ट एविएशन इंडिया, टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) |
| इंजीनियरिंग एवं ऑटोमोबाइल | एल एंड टी (L&T) प्रेसिजन इंजीनियरिंग, होंडा मोटर्स |
| कौशल विकास एवं सीएसआर (CSR) | अदानी स्किल डेवलपमेंट सेंटर, ICICI फाउंडेशन |
| बहुपक्षीय अंतर्राष्ट्रीय विकास बैंक | एशियाई विकास बैंक (ADB), विश्व बैंक |
उत्तर प्रदेश में लागू होगा 'हब एंड स्पोक' मॉडल
क्षेत्रीय स्तर पर कौशल शिक्षा की गुणवत्ता को एकसमान और विश्वस्तरीय बनाने के लिए उत्तर प्रदेश में एक विशेष "हब एंड स्पोक" (Hub & Spoke) मॉडल लागू किया जा रहा है।
हब (Hub): आधुनिक सुविधाओं और नई तकनीकों से लैस बड़े ITI संस्थान।
स्पोक (Spoke): आसपास के छोटे ITI संस्थान, जिन्हें 'हब' संस्थानों द्वारा तकनीकी, शैक्षणिक और संसाधन-संबंधी सहायता प्रदान की जाएगी।
प्रमुख क्षेत्र: यह मॉडल अलीगंज, साकेत, पांडू नगर (कानपुर), मुजफ्फरनगर, आगरा, नैनी (प्रयागराज), वाराणसी और गोरखपुर में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।
रोजगार और कौशल पारिस्थितिकी तंत्र के लिए महत्व
'आत्मनिर्भर भारत' और 'मेक इन इंडिया' के विजन को गति देने के लिए यह पहल एक बड़ा परिवर्तन साबित हो सकती है। उद्योगों के साथ सीधी साझेदारी से युवाओं को आधुनिक मशीनों पर काम करने का प्रत्यक्ष अनुभव (Hands-on Experience) मिलेगा, जिससे देश के भीतर रोजगार क्षमता बढ़ेगी और भारत वैश्विक स्तर पर कुशल मैनपावर के प्रमुख आपूर्तिकर्ता के रूप में स्थापित हो सकेगा।