विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0: 14 नए ट्रेड शामिल, युवाओं को प्रशिक्षण के साथ मिलेगा ₹10 लाख तक का ऋण

23 Sep 2026
विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0: 14 नए ट्रेड शामिल, युवाओं को प्रशिक्षण के साथ मिलेगा ₹10 लाख तक का ऋण

"स्थानीय हुनर को मिलेगा वैश्विक बाजार: पारंपरिक कारीगरी के साथ डिजिटल युग की नई जरूरतों को जोड़कर स्वरोजगार की दिशा में यूपी सरकार की बड़ी पहल।"

 

ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के युवाओं को उनके अपने शहर व गांव में ही रोजगार और स्वावलंबन के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। शासन ने अपनी महत्वाकांक्षी 'विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0' का दायरा बढ़ाते हुए इसके दूसरे चरण में 14 नए रोजगारपरक (Market-Driven) ट्रेडों को शामिल किया है।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक हुनरमंदों और युवाओं को बदलते बाजार की जरूरतों के अनुरूप सक्षम बनाना, उन्हें आधुनिक कौशल प्रशिक्षण देना और उनके लिए स्थायी आय का मजबूत साधन तैयार करना है।

योजना की मुख्य विशेषताएं और मिलने वाले लाभ

10 दिवसीय नि:शुल्क प्रशिक्षण: योजना के तहत चयनित अभ्यर्थियों को संबंधित ट्रेड में 10 दिन का गहन व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें आधुनिक तकनीकों का प्रयोग, उपकरणों का इस्तेमाल, काम की बारीकियां और व्यवसाय संचालन (Business Management) का व्यावहारिक ज्ञान शामिल है।

₹10 लाख तक का ऋण: प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाले लाभार्थियों को अपना स्वरोजगार या सूक्ष्म उद्यम शुरू करने के लिए ₹10 लाख तक का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।

पलायन पर रोक: स्थानीय स्तर पर ही रोजगार और स्वरोजगार के साधन उपलब्ध होने से युवाओं को काम की तलाश में बड़े शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा।

पहले चरण से 2.0 तक का सफर: पारंपरिक हुनर से डिजिटल युग तक

विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के प्रथम चरण में 11 पारंपरिक ट्रेड शामिल थे, जिनमें मुख्य रूप से बढ़ई, दर्जी, कुम्हार, लोहार, नाई, राजमिस्त्री, सुनार, टोकरी बुनकर, हलवाई, मोची और धोबी जैसे पारंपरिक कारीगरों के हुनर को तराशा गया था।

अब बाजार और प्रौद्योगिकी के बदलते स्वरूप को ध्यान में रखते हुए योजना 2.0 (द्वितीय चरण) में नए युग की तकनीकों और सेवाओं से जुड़े 14 नए ट्रेड जोड़े गए हैं।

विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0 के 14 नए ट्रेडों की सूची

द्वितीय चरण में शामिल किए गए सभी 14 नए ट्रेड सीधे तौर पर बाजार की वर्तमान मांग और स्थानीय स्तर पर रोजगार की संभावनाओं से जुड़े हैं:

श्रेणीशामिल नए ट्रेड (New Trades)बाजार में मांग और अवसर
तकनीकी व डिजिटल सेवाएं

1. मोबाइल मरम्मत


 

2. कंप्यूटर मरम्मत


 

3. डिजिटल फोटोग्राफी

मोबाइल और कंप्यूटर पर बढ़ती निर्भरता से सर्विसिंग व रिपेयरिंग के क्षेत्र में असीमित अवसर।
हरित ऊर्जा व तकनीकी क्षेत्र

4. सोलर इंस्टालेशन (Solar Installation)


 

5. इलेक्ट्रानिक सामान मरम्मत


 

6. विद्युत सामान (Electrical) मरम्मत

सौर ऊर्जा के देशव्यापी विस्तार से सोलर पैनल इंस्टालेशन और मेंटेनेंस की मांग तेजी से बढ़ रही है।
सेवाएं एवं ऑटोमोबाइल

7. ऑटोमोबाइल मरम्मत


 

8. प्लंबर (Plumber)


 

9. सौंदर्य एवं वेलनेस (Beauty & Wellness)

वाहनों की संख्या और बुनियादी ढांचे के विकास से प्लंबिंग, ऑटो-रिपेयरिंग और ब्यूटी केयर में स्व-रोजगार का बड़ा स्कोप।
पारंपरिक व क्षेत्रीय व्यवसाय

10. मूर्तिकार


 

11. मालाकार


 

12. भड़भूजा (अनाज भूनने वाले)


 

13. दूधवाला


 

14. मछुआरा

स्थानीय कारीगरों, पशुपालकों व मत्स्य पालकों को आधुनिक संसाधनों व वित्तीय मदद से जोड़ना।

प्रशासनिक वक्तव्य

योजना के विस्तार और इसके दूरगामी प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए उद्योग विभाग के अधिकारियों ने इसे युवाओं के लिए मील का पत्थर बताया है:

"विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0 में परंपरागत व्यवसायों के साथ बाजार की वर्तमान मांग को ध्यान में रखते हुए 14 नए ट्रेड शामिल किए गए हैं। योजना के तहत चयनित युवाओं को प्रशिक्षण देकर संबंधित कार्य में दक्ष बनाया जाएगा। साथ ही अपना रोजगार स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता और ऋण की सुविधा भी दी जाएगी।"

— साहब शरण, उपायुक्त (उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र)

निष्कर्ष

विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0 केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह आत्मनिर्भर भारत और सशक्त उत्तर प्रदेश के संकल्प को धरातल पर उतारने का एक कारगर जरिया है। पारंपरिक कला-कौशल के संरक्षण के साथ-साथ सोलर टेक्नोलॉजी, कंप्यूटर-मोबाइल रिपेयरिंग और ब्यूटी केयर जैसे आधुनिक क्षेत्रों को जोड़ने से राज्य के लाखों युवाओं को स्वरोजगार और सम्मानजनक आजीविका का नया आधार मिलेगा।


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