भिवाड़ी बना देश का सबसे प्रदूषित शहर, गंगटोक की हवा सबसे साफ; देखें अपने शहर का AQI हाल

15 Sep 2026
भिवाड़ी बना देश का सबसे प्रदूषित शहर, गंगटोक की हवा सबसे साफ; देखें अपने शहर का AQI हाल

15 सितंबर 2026: सीपीसीबी (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक देश के 89% शहरों में हवा साफ और संतोषजनक, भिवाड़ी में WHO सीमा से 1300% अधिक प्रदूषण।

 

 

केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) द्वारा 15 सितम्बर 2026 को देश के 231 शहरों के लिए जारी वायु गुणवत्ता आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि राजस्थान का भिवाड़ी देश का सबसे प्रदूषित शहर दर्ज किया गया है।

भिवाड़ी में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 214 दर्ज किया गया, जो 'खराब' श्रेणी में आता है। कल (14 सितम्बर) के 82 AQI की तुलना में यहां 24 घंटे के भीतर 132 अंकों का भारी इजाफा देखने को मिला है। भिवाड़ी में प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा तय सुरक्षित मानक से 1,300 प्रतिशत अधिक है।

दूसरी ओर, सिक्किम का गंगटोक महज 16 AQI के साथ देश का सबसे साफ हवा वाला शहर रहा। भिवाड़ी की स्थिति गंगटोक की तुलना में 13.3 गुणा खराब है।

देश में वायु गुणवत्ता का समग्र परिदृश्य

केंद्रीय आंकड़ों के अनुसार, देश के अधिकांश शहरों में हवा की स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है:

साफ हवा (0-50 AQI): 34.2% शहर (79 शहर)

संतोषजनक हवा (51-100 AQI): 55.4% शहर (128 शहर)

चिंताजनक/मध्यम से खराब हवा (101+ AQI): 10.4% शहर (24 शहर)

हालांकि, चिंता का विषय यह है कि पिछले 24 घंटों में साफ हवा वाले शहरों की संख्या में 10.2% की गिरावट आई है, जबकि मध्यम श्रेणी के शहरों में 57.1% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

देश के 10 सबसे प्रदूषित शहर (15 सितम्बर 2026)

भिवाड़ी (राजस्थान): 214 (खराब)

लेह (लद्दाख): 205 (खराब)

पानीपत (हरियाणा): 179 (मध्यम)

खोरा (उत्तर प्रदेश): 169 (मध्यम)

मंडी गोबिंदगढ़ (पंजाब): 154 (मध्यम)

सहरसा (बिहार): 144 (मध्यम)

कटक (ओडिशा): 142 (मध्यम)

अगरतला (त्रिपुरा): 140 (मध्यम)

बर्नीहाट (मेघालय): 138 (मध्यम)

हिसार (हरियाणा): 133 (मध्यम)

नोट: आज देश के शीर्ष 10 प्रदूषित शहरों में हरियाणा के तीन शहर (भिवाड़ी, पानीपत और हिसार) शामिल हैं।

दिल्ली-NCR का हाल

दिल्ली: दिल्ली में पिछले 24 घंटों में प्रदूषण 19 अंक बढ़ा है। कल का AQI 79 था, जो आज बढ़कर 98 हो गया है, हालांकि हवा अभी भी 'संतोषजनक' श्रेणी में बनी हुई है। (ज्ञात हो कि साल 2026 में दिल्ली का सबसे साफ दिन 9 जुलाई (AQI 48) और सबसे प्रदूषित दिन 18 जनवरी (AQI 440) रहा था।)

फरीदाबाद: AQI 105 से बढ़कर 123 ('मध्यम') पर पहुंचा।

गुरुग्राम: AQI 105 ('मध्यम')

नोएडा: AQI 123 ('मध्यम')

ग्रेटर नोएडा: AQI 114 ('मध्यम')

गाजियाबाद: AQI 90 ('संतोषजनक')

प्रमुख मेट्रो और बड़े शहरों में स्थिति

शहरAQIश्रेणी
गंगटोक16साफ
चंडीगढ़38साफ
मुंबई44साफ
भोपाल48साफ
हैदराबाद52संतोषजनक
जयपुर63संतोषजनक
लखनऊ73संतोषजनक
पटना77संतोषजनक
चेन्नई90संतोषजनक

हवा में कौन-से प्रदूषक हावी हैं?

PM2.5 का दबदबा: भिवाड़ी, पानीपत, खोरा, बर्नीहाट, जींद, मानेसर, फरीदाबाद, नोएडा, चरखी दादरी, यमुनानगर और गुरुग्राम में हवा में अति सूक्ष्म कण (PM2.5) हावी हैं, जो फेफड़ों के लिए बेहद खतरनाक माने जाते हैं।

PM10 की समस्या: मंडी गोबिंदगढ़, सहरसा, अगरतला, ब्रजराजनगर, बागपत, ग्रेटर नोएडा, अंबाला और अलवर में मोटे कणों (PM10) से प्रदूषण बढ़ा है।

वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) का गणित

0 - 50: बेहतर / साफ (स्वास्थ्य पर कोई बुरा असर नहीं)

51 - 100: संतोषजनक (संवेदनशील लोगों को मामूली असुविधा)

101 - 200: मध्यम (फेफड़े या हृदय रोगी को सांस लेने में तकलीफ)

201 - 300: खराब (लंबे समय तक रहने पर ज्यादातर लोगों को परेशानी)

301 - 400: बेहद खराब (गंभीर श्वसन संबंधी बीमारियों का खतरा)

401 - 500: गंभीर (स्वस्थ लोगों पर भी प्रतिकूल प्रभाव और मरीजों के लिए घातक)


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