बालुरघाट में प्रथम कौशल महोत्सव का शानदार आयोजन: 4,500 से अधिक युवा शॉर्टलिस्ट, 50 से ज्यादा दिग्गज कंपनियों ने दिए रोज़गार के अवसर
कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय, पश्चिम बंगाल सरकार तथा NSDC की संयुक्त पहल से दक्षिण दिनाजपुर में खुला युवाओं के लिए रोज़गार का द्वार।
बालुरघाट: भारत सरकार के कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय द्वारा पश्चिम बंगाल के बालुरघाट (दक्षिण दिनाजपुर) में आयोजित पहले कौशल महोत्सव को युवाओं का अभूतपूर्व समर्थन मिला। क्षेत्र के हज़ारों युवाओं ने इस रोज़गार मेले में उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य दक्षिण दिनाजपुर और आसपास के दूर-दराज़ इलाकों के नौकरी चाहने वाले युवाओं को देश की प्रमुख कंपनियों में करियर के अवसरों से जोड़ना था।
7,500 से अधिक इंटरव्यू, 4,500+ उम्मीदवार शॉर्टलिस्ट
बालुरघाट में आयोजित इस भव्य मेले में विनिर्माण, रिटेल, लॉजिस्टिक्स, हेल्थकेयर, हॉस्पिटैलिटी, फूड प्रोसेसिंग, बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं जैसे विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े 50 से अधिक प्रमुख नियोक्ताओं ने भाग लिया।
उपलब्ध अवसर: कंपनियों द्वारा 7,000 से अधिक नौकरियों के अवसर पेश किए गए।
साक्षात्कार और चयन: कार्यक्रम के दौरान 7,500 से अधिक युवाओं के साक्षात्कार (Interviews) आयोजित किए गए, जिनमें से 4,500 से अधिक उम्मीदवारों को विभिन्न पदों के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया।
इस आयोजन को सफल बनाने में भारत सरकार के कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय, पश्चिम बंगाल सरकार तथा राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) ने मिलकर काम किया।
शिक्षा और कौशल ही सफलता के दो मुख्य आधार: केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने कहा,
"शिक्षा और कौशल रोज़गार तथा जीवन में सफलता के दो मुख्य आधार हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं को कुशल बनाकर बेहतर अवसरों से जोड़ने के लिए 'स्किल इंडिया मिशन' की परिकल्पना की थी। बालुरघाट का यह कौशल महोत्सव इसी प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जो युवाओं को उनकी क्षमता के अनुरूप मंच दे रहा है।"
उन्होंने युवाओं को डिजिटल तकनीक का सही उपयोग करने की सलाह देते हुए कहा कि मोबाइल फोन केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि सीखने, नए कौशल अर्जित करने और जीवन में आगे बढ़ने का सशक्त साधन होना चाहिए।
केंद्रीय मंत्री मजूमदार ने दूर-दराज़ के क्षेत्रों तक अवसर पहुँचाने के लिए कौशल विकास और उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी के प्रयासों की भी सराहना की।
दिग्गजों की भागीदारी: इन प्रमुख कंपनियों ने दिए अवसर
कौशल महोत्सव में देश-विदेश की 50 से अधिक प्रतिष्ठित कंपनियों ने हिस्सा लिया, जिनमें शामिल हैं:
ऑटोमोबाइल व मैन्युफैक्चरिंग: रॉयल एनफील्ड, टाटा प्रोजेक्ट्स, विप्रो कावासाकी प्रिसिजन मशीनरी।
बैंकिंग एवं वित्तीय सेवाएं: एक्सिस बैंक, स्पंदना स्फूर्ति फाइनेंशियल।
लॉजिस्टिक्स व क्विक-कॉमर्स: ज़ेप्टो (Zepto), ब्लिंक कॉमर्स (Blinkit), टीवीएस सप्लाई चेन।
हॉस्पिटैलिटी व अन्य: बार्बेक्यू नेशन, सोडेक्सो, विप्रो, एचपी कॉटन कैजुअल्स।
इस महोत्सव ने दक्षिण दिनाजपुर के स्थानीय युवाओं को अपने ही क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर की कंपनियों के साथ जुड़ने और सीधे करियर बनाने का बड़ा अवसर प्रदान किया है।
कई जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों की रही मौजूदगी
इस अवसर पर राज्य सरकार के कई मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और प्रशासनिक अधिकारियों ने शिरकत की:
जनप्रतिनिधि: क्षुदिराम टुडू (प्रभारी मंत्री, जनजातीय विकास व अल्पसंख्यक मामले), जॉयल मुर्मू (राज्य मंत्री, सिंचाई व जलमार्ग), खगेन मुर्मू (सांसद, मालदा उत्तर), बिद्युत कुमार रॉय (विधायक, बालुरघाट), बदुरई टुडू (विधायक, तपन) और सत्येंद्रनाथ रॉय (विधायक, गंगारामपुर)।
वरिष्ठ अधिकारी: राजीव कुमार कौशल (प्रधान सचिव, तकनीकी शिक्षा व कौशल विकास), वी.एस. अरविंद (निदेशक, कौशल विकास मंत्रालय), बालासुब्रमण्यम टी. (जिला मजिस्ट्रेट, दक्षिण दिनाजपुर) और अभिषेक गुप्ता (पुलिस अधीक्षक)।
निष्कर्ष:
बालुरघाट में आयोजित यह कौशल महोत्सव केवल एक रोज़गार मेला नहीं, बल्कि दूर-दराज़ के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की एक दूरदर्शी पहल साबित हुआ है।
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