बड़ौत की हवा में घुला ज़हर: WHO की सीमा से 1,800% अधिक हुआ प्रदूषण, देश का सबसे प्रदूषित शहर बना
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के ताजा रिपोर्ट के मुताबिक बड़ौत में AQI 286 दर्ज किया गया, वहीं आइजोल में देश की सबसे साफ हवा दर्ज की गई।
नई दिल्ली (21 सितंबर 2026): देश में वायु प्रदूषण के स्तर में लगातार उतार-चढ़ाव जारी है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) द्वारा जारी 242 शहरों के ताजा आंकड़ों के विश्लेषण से यह चौंकाने वाली स्थिति सामने आई है कि उत्तर प्रदेश का बड़ौत देश का सबसे प्रदूषित शहर बन गया है।
बड़ौत में वायु प्रदूषण की स्थिति किस कदर जानलेवा हो चुकी है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से 1,800 प्रतिशत अधिक दर्ज किया गया है। 21 सितंबर 2026 को बड़ौत में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 286 रिकॉर्ड किया गया, जो कि ‘खराब’ श्रेणी में आता है। बीते दिन (20 सितंबर) की तुलना में यहां AQI में 56 अंकों का बड़ा उछाल आया है।
बड़ौत बनाम आइजोल: 20 गुना का अंतर
एक तरफ जहां बड़ौत की हवा में सूक्ष्म कण (PM2.5) पूरी तरह हावी हैं और फिजाओं में घुला जहर लोगों को गंभीर रूप से बीमार करने के लिए काफी है, वहीं दूसरी तरफ मिजोरम की राजधानी आइजोल में देश की सबसे साफ हवा दर्ज की गई। आइजोल में AQI महज 14 रिकॉर्ड किया गया। यदि बड़ौत की तुलना आइजोल से की जाए, तो बड़ौत में स्थिति 20 गुना अधिक खराब है।
टॉप 10 प्रदूषित शहर: हरियाणा के 5 शहर शामिल
21 सितंबर को जारी आंकड़ों के अनुसार देश के 10 सबसे प्रदूषित शहरों में अकेले हरियाणा के 5 शहर शामिल हैं।
| रैंक | शहर | राज्य | AQI दर्ज | श्रेणी |
|---|---|---|---|---|
| 1 | बड़ौत | उत्तर प्रदेश | 286 | खराब |
| 2 | ग्रेटर नोएडा | उत्तर प्रदेश | 276 | खराब |
| 3 | खोरा | उत्तर प्रदेश | 254 | खराब |
| 4 | मानेसर | हरियाणा | 245 | खराब |
| 5 | गुरुग्राम | हरियाणा | 218 | खराब |
| 6 | बहादुरगढ़ | हरियाणा | 197 | मध्यम |
| 7 | लेह | लद्दाख | 196 | मध्यम |
| 8 | यमुना नगर | हरियाणा | 190 | मध्यम |
| 9 | नोएडा | उत्तर प्रदेश | 189 | मध्यम |
| 10 | खैरथल | राजस्थान | 177 | मध्यम |
दिल्ली-एनसीआर का हाल: दिल्ली में उछाल, फरीदाबाद में मामूली सुधार
राजधानी दिल्ली में पिछले 24 घंटों में प्रदूषण में वृद्धि दर्ज की गई है। दिल्ली में AQI 160 से बढ़कर 169 पर पहुंच गया है (9 अंकों की बढ़ोतरी)। हालांकि, दिल्ली अभी भी ‘मध्यम’ श्रेणी में बनी हुई है।
दिल्ली का इस साल का रिकॉर्ड: वर्ष 2026 के दौरान दिल्ली में सबसे साफ दिन 09 जुलाई दर्ज किया गया था (AQI 48), जबकि सबसे प्रदूषित दिन 18 जनवरी 2026 रहा, जब AQI 440 तक पहुंच गया था।
फरीदाबाद: फरीदाबाद में AQI 163 से घटकर 151 पर आया है, यानी 12 अंकों का सुधार दर्ज हुआ है। इसके बावजूद फरीदाबाद 'मध्यम' श्रेणी में ही है।
सहरसा की स्थिति में भारी सुधार: बिहार के सहरसा में बड़ा बदलाव देखा गया। एक दिन पहले 293 AQI के साथ सबसे प्रदूषित रहने वाला सहरसा आज 224 अंकों के भारी सुधार के साथ 69 पर आ गया है, जिससे वहां हवा ‘संतोषजनक’ हो गई है।
देश भर के 242 शहरों की समग्र तस्वीर
CPCB के अनुसार देश के कुल शहरों की स्थिति का विवरण इस प्रकार है:
साफ हवा (23.1% शहर - 56 शहर): आइजोल, चंडीगढ़, मुंबई (57), कोलकाता, इंदौर, तिरुवनंतपुरम, कटक आदि में AQI 50 से नीचे दर्ज किया गया।
संतोषजनक हवा (56.2% शहर - 136 शहर): लखनऊ (65), चेन्नई (65), हैदराबाद (61), जयपुर (95), पटना (61), ग्वालियर (73) आदि में AQI 51 से 100 के बीच रहा।
मध्यम हवा (18.6% शहर - 45 शहर): दिल्ली, फरीदाबाद, गाजियाबाद (155), आगरा, मेरठ, हिसार आदि में AQI 101 से 200 के बीच दर्ज हुआ।
खराब हवा (2.1% शहर - 5 शहर): बड़ौत, ग्रेटर नोएडा, खोरा, मानेसर और गुरुग्राम में हवा ‘खराब’ श्रेणी (201-300) में बनी हुई है।
हवा में ज़हर: PM2.5 और PM10 की चिंता
डेटा विश्लेषण से सामने आया है कि बड़ौत, खोरा, मानेसर, गुरुग्राम, नोएडा, फरीदाबाद, मेरठ, गोरखपुर और अहमदाबाद जैसे औद्योगिक व शहरी क्षेत्रों में PM2.5 (महीन कण) हावी हैं, जो सीधे फेफड़ों और रक्तप्रवाह में प्रवेश कर सकते हैं।
वहीं ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, बागपत, मुजफ्फरनगर, बीकानेर, अलवर और कुरुक्षेत्र जैसे शहरों में मोटे धूल कणों यानी PM10 के कारण स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
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