शिक्षा के संवाहकों का सर्वोच्च सम्मान: जानें क्या है राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार और कैसे होता है चयन

30 Aug 2026
शिक्षा के संवाहकों का सर्वोच्च सम्मान: जानें क्या है राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार और कैसे होता है चयन

5 सितंबर को देश भर के उत्कृष्ट शिक्षकों को मिलता है यह राष्ट्रीय गौरव; कठिन त्रिस्तरीय प्रक्रिया से गुजरकर चुने जाते हैं विजेता।

 

शिक्षकों का योगदान केवल किताबों तक सीमित नहीं होता, बल्कि वे भावी पीढ़ी की सोच और देश के भविष्य का निर्माण करते हैं। इन्हीं समर्पित और नवाचारी गुरुओं की मेहनत को सम्मान देने के लिए भारत सरकार का शिक्षा मंत्रालय हर साल 5 सितंबर (शिक्षक दिवस) के अवसर पर 'राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार' का आयोजन करता है। यह अवॉर्ड केवल एक मेडल या ट्रॉफी नहीं, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षकों के अटूट समर्पण, नवाचार और सकारात्मक बदलाव को दिया जाने वाला देश का सर्वोच्च सम्मान है।

पुरस्कार का मुख्य उद्देश्य

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार का प्राथमिक उद्देश्य देश के ऐसे उत्कृष्ट शिक्षकों की पहचान करना और उन्हें प्रोत्साहित करना है, जिन्होंने अपनी शिक्षण शैली और समर्पण से छात्रों के जीवन को नई दिशा दी है। इसका मकसद समाज में शिक्षकों की प्रतिष्ठा बढ़ाना और अन्य अध्यापकों को भी शिक्षा में नए प्रयोग करने के लिए प्रेरित करना है।

नामांकन की तीन आसान प्रक्रियाएं

इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए पारदर्शिता और सुलभता का विशेष ध्यान रखा गया है। इसके लिए आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल पर तीन माध्यमों से आवेदन स्वीकार किए जाते हैं:

सेल्फ नॉमिनेशन (स्व-नामांकन): शिक्षक अपनी उपलब्धियों और नवाचारों के आधार पर स्वयं आवेदन कर सकते हैं।

इंस्टिट्यूशनल नॉमिनेशन: स्कूल, कॉलेज या संस्थान के प्रमुख अपने उत्कृष्ट शिक्षकों का नाम आगे भेज सकते हैं।

पीयर नॉमिनेशन: संस्थान के साथी शिक्षक भी किसी योग्य सहकर्मी के नाम का नामांकन कर सकते हैं।

नोट: आवेदन के साथ शिक्षकों को अपने काम का पूरा पोर्टफोलियो, प्रमाण पत्र, तस्वीरें और वीडियो दस्तावेज के रूप में प्रस्तुत करने होते हैं।

तीन स्तरीय कड़ा चयन चक्र

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार पाने की राह आसान नहीं होती। योग्य उम्मीदवारों के चयन के लिए बेहद निष्पक्ष और तीन स्तरीय पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जाती है:

जिला/क्षेत्रीय स्तर: प्राप्त आवेदनों की प्रारंभिक छंटनी और स्क्रूटनी की जाती है।

राज्य/संगठन स्तर: प्राथमिक चरण में चुने गए आवेदकों के कार्यों का राज्य स्तर पर गहन मूल्यांकन होता है।

राष्ट्रीय जूरी: अंतिम निर्णय एक स्वतंत्र 'राष्ट्रीय जूरी' द्वारा लिया जाता है, जो साक्षात्कार और पोर्टफोलियो के आधार पर विजेताओं की सूची तैयार करती है।

पुरस्कार से जुड़ी मुख्य जानकारियां

पहलूविवरण
पुरस्कार की तारीखप्रतिवर्ष 5 सितंबर (शिक्षक दिवस)
आयोजकशिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार
विजेताओं की संख्याप्रतिवर्ष लगभग 48 से 50 शिक्षक (स्कूल, उच्च शिक्षा व कौशल विकास विभाग से)
प्रतिनिधित्वसभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों के पुरुष एवं महिला शिक्षक शामिल
पुरस्कार का स्वरूपरजत पदक (Medal), प्रशस्ति पत्र (Certificate) एवं सम्मान राशि

चयनित शिक्षकों की संख्या एवं पुरस्कार स्वरूप

यह सम्मान पाने वाले शिक्षकों की संख्या हर साल निर्धारित मानदंडों के आधार पर तय होती है। हाल के वर्षों में यह संख्या औसतन 48 से 50 के बीच रही है। इसमें देश भर के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से पुरुष व महिला दोनों शिक्षक शामिल होते हैं। इनमें स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा और कौशल विकास मंत्रालय से जुड़े शिक्षक शामिल हैं।

शिक्षक दिवस के भव्य समारोह में राष्ट्रपति द्वारा इन शिक्षकों को रजत पदक (मेडल), प्रशस्ति पत्र और नकद राशि देकर सम्मानित किया जाता है। यह पल न केवल सम्मानित होने वाले शिक्षकों के लिए, बल्कि पूरे देश के शैक्षणिक समुदाय के लिए गर्व का प्रतीक बनता है।


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